“स्वराज से आत्मनिर्भर भारत” लोकमान्य तिलक की 100वीं पुण्यतिथि पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) द्वारा लोकमान्य तिलक पर स्वराज से आत्मनिर्भर भारत विषय पर एक दिन में वेबिनार का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिलक की 100वीं पुण्यतिथि पर कहा कि उनका व्यक्तित्व, उनका काम, उनके विचार और उनके द्वारा शुरू की गई परम्पराएं उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी 100 वर्ष पहले थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकमान्य के व्यक्तित्व को सामने रखते हुए कहा कि वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। 
उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को भारतीय बनाने का अगर किसी ने काम किया तो वो लोकमान्य तिलक जी ने किया। यही वज़ह है कि जब तक देश का इतिहास रहेगा तब तक उनके द्वारा कहा गया वाक्य “स्वराज हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है” अमर रहेगा। 

गृह मंत्री ने कहा कि तिलक के विचार और दृष्टिकोण था कि स्वराज का आधार ही हमारी संस्कृति और पुरातन उपलब्धियां होनी चाहिए और भविष्य की जो चुनौतियां उनका समाधान भी इन्हीं में निहित है। इस मौक़े पर गृह मंत्री ने स्थानीय  उद्योग को मजबूत बनाने के लिए भी तिलक ने पहल की थी। साथ ही भारतीय भषाओं को बढ़ावा देने की वकालत भी उन्होंने की थी ऐसे में नई शिक्षा नीति-2020 में इस बात पर खास जोर दिया गया है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने भी लोकमान्य गंगाधर तिलक को नमन करते हुए लिखा कि-“उनकी बौद्धिक समझ, साहस, न्याय की भावना और स्वराज के विचार लगातार प्रेरणा दे रहे हैं।” वहीं उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी तिलक को याद करते हुए उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन का एक प्रमुख वास्तुकार बताते हुए उन्हें कभी नहीं भूला पाने वाली शख़्सियत करार दिया। उप-राष्ट्रपति ने ट्वीट में लिखा कि”इस महान राष्ट्र के लिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।”                                                   

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