सीएए के समर्थन में प्रबुद्ध नागरिकों ने की राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात

पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और दावा किया कि कुछ राजनीतिक तत्वों के दबाव में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इन सभी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा की अपील करते हुए सीएए के विरोध के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह सदस्यों ने राष्ट्रपति को सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से अपनी चिंता से अवगत कराया।

राष्ट्रपति से अपील करने वाले इन 154 प्रबुद्ध नागरिकों में पूर्व न्यायाधीश, पूर्व नौकर शाह,सेना के पूर्व अधिकारी आदि शामिल हैं। इनमें सिक्किम हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एम सी गर्ग, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस एन श्रीवास्तव, पूर्व लोकायुक्त एस एम सोनी, बांबे और गुजरात उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस डी के त्रिवेदी, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस एन ढींगरा, गुजरात उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एच एम मेहता, पूर्व रक्षा सचिव और पूर्व राज्यसभामहासचिव योगेंद्र नारायण, केरल के पूर्व मुख्य सचिव सी वी आनंद बोस भारत सरकार के पूर्व सचिव आर रामाकृष्णा और पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव सर्वेश कौशल शामिल हैं।

योग गुरु रामदेव भी संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में खुलकर आ गए हैं। योगगुरु रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने कई  बार कह चुके हैं इससे देश के नागरिकों को कोई लेना-देना नहीं है और ये नागरिकता लेने का नहीं देने का कानून है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अल्पसंख्यकों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

इस बीच बीजेपी ने एक बार फिर साफ किया है कि नागरिकता कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाती है ये नागरिकता देने का कानून है। बीजेपी नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि राजीव गांधी के समय में लाया गया एनआरसी ठीक था तो अब गलत कैसे हो गया ।

वहीं विश्व हिंदू परिषद ने आरोप लगाया है कि झारखंड लोहरदगा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने CAA के समर्थन में  रैली निकाली जिस पर पेट्रोल बम फेंके गए। विहिप का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन करने वालों को भडकाया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद सीएए पर लोगों को जागरूक करेगी ।

गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद संशोधित नागरिकता कानून अब लागू हो चुका है लेकिन कई राजनीतिक दल और उनकी अगुवाई वाली राज्य सरकारें इसका विरोध कर रही हैं। लोगों में इस कानून के बारे में सही जानकारी पहुंचाने के लिए बीजेपी ये जागरुकता अभियान चला रही है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बार बार कह चुके हैं कि ये कानून नागरिकता देने का है लेने का नहीं और इससे किसी देशवासी की नागरिकता नहीं जाएगी।

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