बिहार में बाढ़ के हालात से निपटने के लिए प्रयास जारी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को भी कई जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. पटना में पानी निकालने के लिए कोल इंडिया के 4 बडे पंप लगाए गए हैं. ये पंप प्रति मिनट हजारों गैलन पानी निकालने की क्षमता रखते हैं और तेजी से काम कर रहे हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री और बिहार से सांसद अश्विनी चौबे ने कहा है कि राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी एजेंसियां बड़ी ही मुस्तैदी से काम कर रही हैं, लेकिन समस्या इतनी विकराल कैसे हुई इसके लिए लापरवाही बरते वाले लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.

बिहार के कई जिलों में बाढ़ के पानी निकलने के बाद अब कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है, मुंगेर में कई इलाकों में डायरिया के मामले सामने आए हैं.

बिहार में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई, वहीं नौ लोग घायल हुए हैं. राज्य में अप्रत्याशित वर्षा होने से 14 जिलों की करीब 19 लाख आबादी प्रभावित हुई है. बाढ़ पीड़ितों के लिए 56 राहत शिविर एवं 366 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है. लोगों की मदद के लिए कुल 979 सरकारी एवं निजी नावों का संचालन किया जा रहा है. पटना शहर के जल-जमाव वाले क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा पेयजल, भोजन के पैकेट एवं दूध का वितरण भी किया जा रहा है तथा दो स्थानों पर निःशुल्क सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है.

गृह मंत्रालय के अनुसार इस साल मॉनसून के मौसम में करीब 1,900 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 46 लोग अभी भी लापता है. इस बार बरसात में 22 राज्यों की करीब 25 लाख आबादी भारी बारिश से खासा प्रभावित हुई है. इस बार 14.14 लाख हेक्टेयर फसल भी बर्बाद हुई है. देश के कई राज्यों में अभी भी बारिश जारी है. इस बार की बारिश ने 1994 के बाद से सभी के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

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