बिहार बाढ़ : राहत और बचाव कार्य तेज

बिहार में तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ज़बरदस्त बारिश के कारण पटना, भोजपुर, भागलपुर, नवादा, नालन्दा सहित राज्य के 15 जिलों में करीब 19 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव और राहत अभियान तेज़ी से जारी है। पटना शहर के जलभराव वाले इलाकों में 1 लाख से अधिक की आबादी अभी भी फंसी हुई है।

बाढ़ प्रभावित जिलों में 19 राहत शिविरों में 8 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। मानसून के अंतिम चरण में बारिश के कहर का सामना इन दिनों बिहार कर रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी के बीच बिहार में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को भी गंभीर बनी हुई है। बाढ़ से प्रभावित राज्य के उत्तरी और पूर्वी भागों के 15 जिलों में राहत और बचाव के कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं।

इन 15 जिलों के 494 पंचायत बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। राज्य में बाढ़ से प्रभावित 8 हजार से अधिक लोगों को 19 राहत शिविरों में ठहराया गया है। प्रशासन की तरफ से 1000 से ज्यादा नावों की भी व्यवस्था की गयी है जो फंसे लोगों की सहायता में जुटी हुई है। प्रभावित जिलों में सरकार की तरफ से जरूरी सामानों के साथ साथ सामुदायिक रसोई के जरिए पका हुआ खाना भी वितरित किया जा रहा है।

राहत और बचाव के लिए राज्य में NDRF की 19 टीमें और SDRF की 5 टीमें तैनात हैं जो दिन रात काम में जुटे हुए हैं। राज्य के दौरे पर गए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और स्थिति जल्द ही बेहतर होगी। वहीं राजधानी पटना की बात करें तो यहां की एक बड़ी आबादी अभी भी बाढ़ के पानी में फंसी हुई है। यहां के कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और इसके आसपास के इलाकों में अभी भी पानी जमा है।

कंकड़बाग इलाके में पानी निकल जाने के बाद कचरों का अंबार लग गया है जिससे जल्द साफ नही कराया गया तो अनेक बीमारियों फैलाने की संभावना बन रही है। स्थानीय लोगो का कहना है  हर गली रोड में  कचरा बहुत ज्यादा है  जल्द ही सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। NDRF और SDRF की टीमें पटना शहर से 8 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

रुके हुए पानी को निकालने के लिए हैवी ड्यूटी पंप्स भी लगाए गए हैं। 2 हैलिकॉप्टरों, नावों और ट्रैक्टर्स के जरिए प्रभावित लोगों तक खाने पीने की चीजें पहुंचाई जा रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटना में स्कूलों को शुक्रवार तक के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है। इस बीच मौसम विभाग ने पटना, वैशाली, बेगूसराय और खगड़िया जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है मतलब ये कि इन जिलों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश हो सकती है।

हालांकि एनडीआरएफ की तरफ से कहा गया है कि वो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्दी ही पूरे राज्य में बाढ़ से बेहाल लोगों की जिंदगी बेहतर होगी और जनजीवन एक बार फिर से पटरी पर लौट आएगी।

Full Story at DD News

Enter your email address:

We will be happy to hear your thoughts

      Leave a reply

      IndiaClicking - Buzzing News & Stocks