प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर मांगी माफ़ी

भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को जब लोकसभा में अपने बयान पर दोवारा माफी मांगी तब जाकर ये पूरा मामला शांत हुआ, इससे पहले सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे पर दिये बयान के बाद राजनित गर्मा गई थी और उनके खिलाफ कार्वाही की मांग भी उठने लगी थी. प्रज्ञा ठाकुर की इस मांफी से पहले भी उन्होनें शुक्रवार को ही लोकसभा में माफी मांगी थी लेकिन उनके बयान से विपक्षी दल संतुष्ठ नही थे जिसके बाद भी सहन में हंगामा जारी रहा. सदन में व्यवस्था कायम करने के लिये लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कमान सम्भाली और सभी दलो की बैठक बुलाई जिसमें सहमति बनने के बाद सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने दोवारा माफी मांगी.

सासंद प्रज्ञा ठाकुर के बिवादित बयान के बाद भाजपा ने भी अपनी सांसद पर सख्त कार्यवाही की थी और उन्हे रक्षा मामलो की संसदीय समिति से बाहर कर दिया गया था और पार्टी की संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी नड्डा ने तुरंत बाद सथ्त कार्यवाही की थी. राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा कि महात्मा गांधी बीजेपी के लिये आर्दर्स है, और उकी विचारधारा हमेशा अनुकरणिय है. इस मामले पर संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि अब ये मामला खत्म हो जाना चाहिये. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली. सांसद प्रज्ञा ठाकुर के पूर्व के विवादित बयान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा सांसद को आंतकी कहा था और शुक्रवार को भी राहुल गांधी ने अपने आंतकी वाले बयान को दोहराया जिसके बाद इस मसले पर भी राजनीतिक बयानवाजी शुरु हो गई.

लोकसभा में शुक्रवार को हंगामें के अलावा कामकाज भी देखने को मिला. अवैध तरीके से प्रतिबंधित हथियार रखने और बनाने के मामले में 6 दशक पुराने आयुध अधिनियम में संशोधन के प्रावधान वाला एक विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया. गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने आयुध अधिनियम, 1959 में संशोधन वाला विधेयक पेश किया. आयुध संशोधन विधेयक में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति अधिकतम दो आग्नेयास्त्र रख सकता है. फिलहाल तीन हथियार रखने का प्रावधान है. इसमें प्रतिबंधित हथियार बनाने, बेचने, मरम्मत करने और रखने के मामले में 14 साल तक की कैद से लेकर व्यक्ति के शेष जीवन तक उम्रकैद का प्रस्ताव है. इसके अलावा लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई कि अगले पांच से सात वर्षों के भीतर देश में चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि देश में इस समय 150 से अधिक मेडिकल कॉलेज और 22 एम्स स्थापित करने पर काम हो रहा है.

लोकसभा में एक प्रश्न के जबाव में केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जाबडेकर ने कहा कि देश में मूर्तियां बनाने के लिये प्राकृतिक पदार्थो का इस्तेमाल करना चाहिये और केमिकल से बनी मूर्तियों के प्रोत्साहन को रोकने की जरूरत है.

सदन में आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने कहा कि सरकार देश के हर जिले में एक आयुष अस्पताल स्थापित करने के लिए प्रयास कर रही है, हालांकि अभी तक सिर्फ 91 जिलों से इस संदर्भ में प्रस्ताव मिला है. कामकाज के लिहाज से राज्यसभा में शुक्रवार का दिन काफी ठीक रखा. राज्यसभा में शून्यकाल और प्रश्न काल दोनों ही सुचारू रूप से चले.  बीजेपी के सांसद विजय गोयल ने जहां दिल्ली के अंदर पार्किग की समस्या पर  ध्यान आकर्षित किया वहीं डीएमके के तिरूची शिवा ने दिव्यांग लोगों के द्वारा दिल्ली में दिये जा रहे धरना प्रदर्शन पर सरकार का ध्यान आकर्षिक करने की कोशिश की. रेलवे की सुरक्षा और सही समय पर रेल चले इस सवाल पर बोलते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे इसरो के सैटेलाइट के आधर पर ट्रेनों की गति और रीयल समय पर ध्यान रख रही है.

इधर पराली और ग्लोबल वार्मिंग का असर खेती पर किस तरह हो रहा है. इसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने कहा कि सरकार ने पराली से निपटने के लिए 1151 करोड़ पर मशीनों पर खर्च किये है. किसानों को 55 हजार मशीने दी भी गई है.

बच्चों पर बड़ते बाल यौन शोषण पर पूरा सदन गंभीर दिखाई दिया. सभी सदस्यों ने इसे रोकने के लिए कदम उठाने की बात की. यहां तक की सभापति ने खुद इस विषय की गंभीरता पर ध्यान दिये जाने की बात की. उन्होंने कहा कि तिरूची शिवा और जयराम रमेश इस दिशा में सभी सदस्यों के साथ मिल कर काम करें. जो भी विचार सदस्यों के आयेंगे उन्हें संचार और सूचना प्रसारण मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा.

शुक्रवार का दिन प्राईवेट मेंबर बिल के लिए होता है. लिहाजा वो काम भी पूरी शांति के साथ राज्यसभा में चलता रहा.

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