केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्रालय ने उत्‍तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश को अतिरिक्‍त कर्ज जुटाने की अनुमति दी

कोविड-19 महामारी के प्रकोप को ध्‍यान में रखते हुए केन्‍द्र सरकार ने इस साल मई में चालू वित्‍त वर्ष में राज्‍यों की ऋण लेने की सीमा ने बढ़ोतरी कर इसे उनके सकल घरेलू उत्‍पाद के दो प्रतिशत के बराबर बढ़ा दिया था। इससे राज्‍यों को कुल चार लाख 27 हजार 302 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त राशि उपलब्‍ध हो गयी थी। इस राशि में से एक प्रतिशत राज्‍य स्‍तरीय सुधारों को लागू करने के लिए निर्धारित किये गये थे। इन सुधारों में एक राष्‍ट्र, एक राशन कार्ड प्रणाली लागू करना, कारोबारी सुविधा में सुधार लाना, शहरी स्‍थानीय निकायों तथा बिजली क्षेत्र के सुधार शामिल हैं।

पिछले सप्‍ताह के शुरू में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक और त्रिपुरा को खुले बाजार से उधार के जरिये नौ हजार 913 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त धनराशि जुटाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसके लिए एक राष्‍ट्र, एक राशन कार्ड प्रणाली को लागू करने की शर्त रखी गई थी। आंध्र प्रदेश अब देश का पहला राज्‍य बन गया है, जिसने कारोबारी सुविधा में सुधार किये हैं, जिससे वह खुले बाजार से कर्ज के जरिये दो हजार 525 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त राशि जुटाने का पात्र बन गया है।

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