केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने केरल में 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया

इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के एक नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत के सबसे बड़े बुनियादी ढांचे के विकास कार्यक्रम में भारत माला परियोजना जैसी पहल के माध्यम से विश्व स्तरीय परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई है. उन्होंने कहा कि भारत माला परियोजना की परिकल्पना प्रमुख मूल-गंतव्य जोड़ों के बीच माल ढुलाई के वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से कुशल माल और यात्री आवागमन को सक्षम बनाने के लिए तैयार की गई थी.

नितिन गडकरी ने बताया कि देश में 35,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को भारत माला परियोजना के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसमें से 1,234 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्गों को केरल राज्य में भारत माला परियोजना के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके अलावा, 119 किलोमीटर लम्बे तटीय सम्पर्क मार्ग के भारतमाला/सागरमाला योजना के तहत उन्नयन की भी योजना है. कई प्रमुख कॉरिडोर जैसे कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे, चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस वे, आदि को भी भारत माला परियोजना के भाग के रूप में विकसित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि 1,760 किलोमीटर लम्बा मुंबई-कन्याकुमारी आर्थिक गलियारा भी भारत माला परियोजना के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है. मुंबई से कन्याकुमारी तक देश के पूरे पश्चिमी तट क्षेत्र में सम्पर्क में सुधार लाने वाले इस गलियारे से क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि को बहुत अधिक सक्षम बनायेगा. मुंबई-कन्याकुमारी आर्थिक गलियारे के एक हिस्से के रूप में, 650 किलोमीटर की लंबाई वाली 23 परियोजनाओं को 50,000 करोड़ रुपये के निवेश से केरल राज्य में विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि केरल राज्य में उत्तर से दक्षिण तक पूरी लंबाई को पार करने वाले गलियारे के केरल की जीवन रेखा बनने की उम्मीद है. गलियारे से कासरगोड, थालास्सेरी, कण्नूर, कोझीकोड, एर्नाकुलम, कोच्चि, अलप्पुझा, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शहरों/कस्बों से सम्पर्क में सुधार हुआ है.

नितिन गडकरी ने कहा कि 11,571 करोड़ रुपये की लागत के 177 किलोमीटर लंबाई की 7 अन्य परियोजनाओं के निर्माण कार्य की स्वीकृत दी गई है और इनका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इसमें चेरुथोनी नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण शामिल है, जो 1 जून से 19 अगस्त, 2018 तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मौसम के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था. उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की आर्थिक समृद्धि को सक्षम बनाने के लिए इन परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. इन परियोजनाओं से केरल की तस्वीर बदल जाएगी.

नितिन गडकरी ने बताया कि वर्तमान में, केरल में 1782 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग हैं. 488 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण 2014-20 के दौरान किया गया है, जिसमें 2009-14 की अवधि के मुकाबले 569 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि 2014-2020 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण पर 3,820 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जबकि राज्य में एनएच के रखरखाव पर 671 करोड़ रुपये खर्च किए गए. बाढ़ मरम्मत/साधारण मरम्मत के तहत 96.50 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. नितिन गडकरी ने कहा कि 19,800 करोड़ रुपये की लागत के कार्यो को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि 5327 करोड़ रुपये की 549 किलोमीटर की कुल लंबाई की 30 परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से सड़क विकास के लिए पीपीपी मॉडल पर विचार करने के लिए कहा, जिससे बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अधिक पूंजी निवेश प्राप्त होगा.

केरल में सड़कों के लिए बहुत अधिक भूमि अधिग्रहण लागत को रेखांकित करते हुए नितिन गडकरी ने रेत को रॉयल्टी मुक्त बनाने का आग्रह किया. उन्होंने राज्य जीएसटी से लोहा/स्टील, सीमेंट जैसी अन्य सड़क सामग्री को छूट देने के लिए कहा जिससे केरल के लिए सड़क निर्माण की लागत को कम करने में बहुत मदद मिलेगी. मंत्री ने इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए केरल के मुख्यमंत्री को दिल्ली आमंत्रित किया. उन्होंने केंद्रीय सड़क और राजमार्ग मंत्रालय के पूरे समर्थन का आश्वासन दिया. नितिन गडकरी ने केरल के मुख्यमंत्री से सड़क पूरी करने के सभी मुद्दों को हल करने का आह्वान किया. नितिन गडकरी ने राज्य में राजमार्गों पर खतरनाक स्थानों की पहचान करने का आह्वान किया और इसे ठीक करने में मदद की पेशकश की. उन्होंने फिर दोहराया कि सुरक्षित सड़कें दुर्घटनाओं को कम करने और जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री डॉ वीके सिंह ने कहा कि ये परियोजनाएं केरल को बहुत लाभ होगा. इन आर्थिक गलियारों के माध्यम से सम्पर्क, व्यापार और वाणिज्य में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि इस तरह का एक गलियारा मुंबई से कन्याकुमारी तक केरल में उत्तर से दक्षिण तक गुजरता है. उन्होने कहा कि 1700 किमी लंबाई के गलियारे में से, केरल में 650 लंबाई की 23 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी लागत लगभग 50000 करोड़ रुपये होगी. इन परियोजनाओं से केरल में समृद्धि आएगी और आसरगोड, कोझीकोड, एर्नाकुलम, कोलम आदि जैसे कुछ प्रमुख शहरों से सम्पर्क में सुधार होगा.

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, विदेश मंत्रालय और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वी मुरलीधरन और केरल के लोक निर्माण मंत्री ए नमस्सिवम ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया.

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