किसानों को अब अपने उत्पादों को कहीं भी और किसी को भी बेचने की मिली आज़ादी: पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात ‘ कार्यक्रम के माध्यम से इस कठिन समय में किसानों की धैर्य की सराहना की। पीएम ने कहा कि जो जमीन से जितना जुड़ा होता है, वे बड़े से बड़े तूफानों में भी उतना ही अडिग रहता है. उन्होने कहा “कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण हैं. संकट के इस काल में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर अपना दमख़म दिखाया है | साथियो, देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गाँव, आत्मनिर्भर भारत का आधार है | ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी | बीते कुछ समय में इन क्षेत्रों ने खुद को अनेक बंदिशों से आजाद किया है, अनेक मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है | मुझे, कई ऐसे किसानों की चिट्ठियाँ मिलती हैं, किसान संगठनों से मेरी बात होती है, जो बताते हैं कि कैसे खेती में नए-नए आयाम जुड़ रहे हैं, कैसे खेती में बदलाव आ रहा है.”

प्रधानमंत्री ने कृषि के क्षेत्र में हो रहे विकास का भी जिक्र किया। पीएम ने कहा कि “किसान अब अपनी फसल देश में कहीं बेच सकते हैं। इस बीच में अब बिचौलियो का कोई जगह नहीं होगी। उन्होने कहा कि जानते हैं, इन किसानों के पास क्या अलग है! अपने फल-सब्जियों को, कहीं पर भी, किसी को भी, बेचने की ताकत है, और ये ताकत ही, उनकी, इस प्रगति का आधार है. अब यही ताकत, देश के दूसरे किसानों को भी मिली है | फल-सब्जियों के लिए ही नहीं, अपने खेत में, वो जो पैदा कर रहें हैं – धान, गेहूं, सरसों, गन्ना जो उगा रहे हैं, उसको अपनी इच्छा के अनुसार, जहाँ ज्यादा दाम मिले,वहीँ पर, बेचने की, अब, उनको आज़ादी मिल गई है. आज की तारीख में खेती को हम जितना आधुनिक विकल्प देंगे, उतना ही, वो, आगे बढ़ेगी, उसमें नये-नये तौर-तरीके आयेंगे, नये innovations जुड़ेंगे.”

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