आईटीबीपी रेफरल अस्पताल में 1150 से ज्यादा कोरोना मरीजों का हुआ उपचार

विशिष्ट सुविधाओं से लैस यह अस्पताल अपनी तरह के एक अद्वितीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से कम नहीं है। लॉकडाउन के दौरान आंतरिक सुरक्षा और कंटेनमेंट क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था के ड्यूटी का निभाते हुए विभिन्न बलों के बहुत सारे पुलिसकर्मी संक्रमित हो गए। उस वक़्त उन्हें दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थित अस्पतालों में बेड पाने में वास्तविक कठिनाई का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में, सभी वर्दीधारी बलों और अन्य सहयोगी संगठनों और उनके परिवारों के लिए आईटीबीपी रेफरल अस्पताल की सुविधाएं खोली गईं। सभी बलों के प्रमुखों से अनुरोध किया गया कि वे अपने कोविड पॉजिटिव कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य देखभाल के लिए इस अस्पताल में भेजें। बल के सेवानिवृत्त जवानों को विशेष देखभाल के लिए भर्ती किया गया था।

अब तक यहां से ठीक होकर घर जाने वाले कोरोना मरीजों में बीएसएफ के 91 जवान, सीआरपीएफ के 196, सीआईएसएफ के 200, आईटीबीपी के 289, एसएसबी के 159, एनएसजी के 83, एसपीजी के 64, एनआईए के 15, एनडीआरएफ के 10, बीपीआर एंड डी के 01, आईबी के 19, सीबीआई के 03, एनटीआरओ के 07 एवं गृह मंत्रालय के 05 कार्मिक शामिल हैं। यह डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और नर्सों की समर्पित टीमों के कारण ही संभव हो सका है, जिन्होंने चौबीसों घंटे काम किया और सभी रोगियों की अत्यंत सावधानी व सुरक्षा से देखभाल की। सबसे बड़ी बात कि कोई भी डॉक्टर या अस्पताल का कर्मचारी अपने कर्तव्य के दौरान लंबे समय तक बीमारी के संपर्क में रहने के बावजूद कोविड संक्रमित नहीं हुआ।

अभी भी अस्पताल में कोविड पॉजिटिव सीएपीएफ के कर्मियों और उनके परिवारों का उपचार नि:शुल्क हो रहा है। इस अस्पताल में रोगियों के ठीक होने की दर लगभग सौ फीसदी है। हालांकि एक मरीज की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है। यह राष्ट्रीय रिकवरी दर 78 फीसदी से कहीं अधिक है। इस तथ्य के बावजूद कि 25-30 फीसदी भर्ती रोगियों में से कोविड संक्रमण के साथ-साथ अन्य सह-रोग जैसे कैंसर, टीबी, हृदय रोग आदि भी थे। 8-10 फीसदी रोगी एडमिट होते समय सांस लेने की समस्या के साथ ही गंभीर रूप से बीमार थे। यह एक गंभीर स्थिति है और ऐसे रोगी अपना जीवन जल्दी खो सकते हैं, इसलिए उनको निरंतर निगरानी और ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। अस्पताल के कर्मचारियों के अथक प्रयासों के कारण सभी गंभीर मरीज ठीक हो गए।

इस अस्पताल का उद्घाटन वर्ष 2018 में किया गया, यह अस्पताल केंद्रीय गृह मंत्रालय और आईटीबीपी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है।  इस अस्पताल में 50 से अधिक अनुभवी विशेषज्ञ और अन्य डॉक्टर सेवा दे रहे हैं।आईटीबीपी रेफरल अस्पताल ने बहुत ही कम समय में देश में उत्कृष्ट स्वास्थ्य देखभाल और उपचार केंद्र के तौर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

सुधाकर दास की रिपोर्ट

Full Story at DD News

Enter your email address:

We will be happy to hear your thoughts

      Leave a reply

      IndiaClicking - Buzzing News & Stocks